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पाँच ग़लतियाँ जो Scrap Dealers का हर महीने पैसा खाती हैं

Scrap के धंधे में किसी का पैसा एक साथ नहीं डूबता. वो थोड़ा-थोड़ा करके, बार-बार, ऐसी आदतों से जाता है जो बिल्कुल normal लगती हैं. ये पाँच बार-बार सामने आती हैं.

1. Sorting में समय लगता है, इसलिए mixed load बेच देना

Mixed load का भाव उसके सबसे घटिया grade के आसपास लगता है. उस ढेर में पड़ा हर किलो अच्छा माल, उसके बग़ल में रखे सबसे ख़राब माल के भाव बिक रहा है.

Sorting की मेहनत सामने दिखती है और तुरंत महसूस होती है. Sorting न करने का नुक़सान दिखता नहीं, वो पूरे load में बँटकर छिप जाता है. यही वजह है कि यह आदत चलती रहती है.

अपने ही एक महीने के volume पर असली रुपये का फ़र्क़ निकाल कर देखिए. Number आमतौर पर लोगों की उम्मीद से बड़ा निकलता है.

2. Quote देने से पहले market rate न जानना

अगर आपको मोटे तौर पर यह नहीं पता कि market कहाँ खड़ा है, तो आप आँख बंद करके मोल-भाव कर रहे हैं. या तो आप कम में दे देंगे और पैसा छोड़ देंगे, या ज़्यादा माँगकर सौदा खो देंगे और माल सोचे से ज़्यादा दिन रोके रहेंगे.

Reference range देखने में दस सेकंड लगते हैं, और उससे पूरी बातचीत का रुख़ बदल जाता है.

3. भाव बढ़ने की उम्मीद में माल रोक लेना

कभी-कभी रोकना सही होता है. अक्सर नहीं होता, और फ़ैसला जानकारी से नहीं, उम्मीद से लिया जाता है.

माल रोकने की असली लागत होती है: आपका पैसा फँसा रहता है, जगह चाहिए होती है, और कुछ material ख़राब होता है. Iron में ज़ंग लगती है. खुले में रखा माल नमी पकड़ता है, और तौल के वक़्त नमी काटी जाती है.

पहले ही तय कर लीजिए कि किस हालत में आप बेच देंगे, और उस पर टिकिए.

4. आदत की वजह से हमेशा एक ही buyer को बेचना

Buyer के साथ पुराना रिश्ता सचमुच क़ीमती होता है, और वफ़ादारी में कोई बुराई नहीं. ग़लती यह है कि कभी जाँचा ही न जाए कि उसका भाव अब भी सही है या नहीं.

जो buyer जानता है कि आप कहीं और पूछोगे ही नहीं, उस पर भाव सुधारने का कोई दबाव नहीं होता.

कभी-कभी दो-तीन buyers से भाव पूछ लीजिए, चाहे बेचना अपने पुराने वाले को ही हो.

5. हिसाब न रखना

अगर यह record ही नहीं है कि आपने क्या ख़रीदा, किस भाव ख़रीदा, और किस भाव बेचा, तो आप बता ही नहीं सकते कि असल में कौन सा material आपको कमा कर दे रहा है.

बहुत से dealers यह देखकर हैरान होते हैं कि जिस माल को वो सबसे ज़्यादा मात्रा में छूते हैं, वो उन्हें उससे कम कमा कर देता है जिसे वो छोटा-मोटा काम समझते हैं.

इसके लिए एक copy काफ़ी है. कोई software ज़रूरी नहीं.

शुरू कहाँ से करें

पाँचों एक साथ मत उठाइए, एक चुनिए. Sorting सबसे जल्दी दिखने वाला फ़ायदा देती है. हिसाब रखना लंबे समय में सबसे काम की जानकारी देता है. दोनों में कुछ हफ़्ते अनुशासन लगता है, उसके बाद आदत बन जाती है.

यह लेख इस बात पर आधारित सामान्य जानकारी है कि यह trade कैसे चलता है. यह financial advice नहीं है और मुनाफ़े का कोई वादा नहीं करता. हर business अलग होता है, और हर फ़ैसला आपका अपना है.

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